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गुरुवार, 27 जून 2024

फॉरएवर हनी (Forever Honey) : प्राकृतिक मिठास का अद्वितीय स्रोत

शहद का सेवन सदियों से मानव जीवन का हिस्सा रहा है। यह न केवल एक प्राकृतिक स्वीटनर है बल्कि इसके औषधीय गुण भी हैं। इसी संदर्भ में "फॉरएवर हनी" का उल्लेख विशेष रूप से महत्वपूर्ण हो जाता है। यह शहद की एक विशेष किस्म है, जिसे इसकी उच्च गुणवत्ता और शुद्धता के लिए जाना जाता है।



फॉरएवर हनी (Forever Honey) की विशेषताएँ

शुद्धता और प्राकृतिकता: फॉरएवर हनी को बिना किसी रसायनिक प्रक्रिया के तैयार किया जाता है। इसे प्राकृतिक रूप से मधुमक्खियों द्वारा संकलित किया जाता है और किसी भी प्रकार की मिलावट से मुक्त रखा जाता है।

स्वास्थ्य के लिए लाभकारी: फॉरएवर हनी में प्रचुर मात्रा में एंटीऑक्सीडेंट, विटामिन, और खनिज होते हैं, जो हमारे शरीर के लिए अत्यंत लाभकारी होते हैं। यह इम्यून सिस्टम को मजबूत बनाने में मदद करता है और पाचन क्रिया को भी सुधारता है।

सदाबहार मिठास: इस शहद की सबसे बड़ी विशेषता इसकी स्थायी मिठास है। यह लंबे समय तक ताजगी और स्वाद को बनाए रखता है, जो इसे अन्य शहद से अलग बनाता है।


फॉरएवर हनी (Forever Honey) का उपयोग

खाद्य पदार्थों में: फॉरएवर हनी का उपयोग विभिन्न खाद्य पदार्थों में किया जा सकता है। इसे चाय, दूध, दही, और फलों के साथ मिलाकर खाया जा सकता है। इसके अलावा, यह मिठाईयों और बेकरी उत्पादों में भी इस्तेमाल किया जा सकता है।

औषधीय उपयोग: आयुर्वेद और प्राकृतिक चिकित्सा में फॉरएवर हनी का विशेष स्थान है। यह खांसी, जुकाम, और गले की खराश जैसी समस्याओं में राहत देने के लिए उपयोग किया जाता है। इसके साथ ही, यह घावों और जलने के निशानों को भरने में भी मदद करता है।

सौंदर्य प्रसाधनों में: फॉरएवर हनी का उपयोग त्वचा और बालों की देखभाल के लिए भी किया जाता है। यह त्वचा को मॉइस्चराइज करता है और बालों को मुलायम और चमकदार बनाता है।


फॉरएवर हनी (Forever Honey) का निष्कर्ष

फॉरएवर हनी न केवल एक प्राकृतिक मिठास का स्रोत है बल्कि यह हमारे स्वास्थ्य और सौंदर्य के लिए भी अत्यंत लाभकारी है। इसकी शुद्धता, स्वाद, और औषधीय गुण इसे एक अद्वितीय उत्पाद बनाते हैं। फॉरएवर हनी का नियमित उपयोग हमारे जीवन को स्वस्थ और मधुर बना सकता है।

इसलिए, यदि आप भी अपने जीवन में शुद्ध और प्राकृतिक शहद का आनंद लेना चाहते हैं, तो फॉरएवर हनी को अपनी दिनचर्या का हिस्सा बनाएं और इसके अद्वितीय लाभों का अनुभव करें।

बुधवार, 25 नवंबर 2020

एफ एल पी की शुरुआत किसने , कब और कैसे किया ? - FLP Profile

एफ एल पी (फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स ) की शुरुआत किसने , कब और कैसे किया ?

एफ एल पी की कहानी की शुरुआत एक आदमी व उसके महत्वकांक्षी सोच से शुरू होती है। वह व्यक्ति मिस्टर रेक्स मॉन ऐसे बिजनेस आइडिया की खोज में थे, जो उनके जीवन के दो उद्देश्य एक साथ पूरा करें पहला बेहतर स्वास्थ्य और दूसरा आर्थिक आजादी। संयुक्त राज्य अमेरिका के एरिजोना से 1978 में वह पा लिया जो चाहते थे और 43 लोगों को आमंत्रित किया कि वे टीम एरीजोना में पहली बार एफ.एल.पी. की बैठक में भाग ले। इस इकलौती घटना से एक यात्रा की शुरुआत हुई जो अकल्पनीय व्यवसायिक सफलता की ओर चल पड़ी।

flp profile in hindi

एक ऐसी सोच जो पिछले 42 सालों से भी अधिक समय से स्वास्थ्य वह सुंदरता के लिए प्रकृति के स्रोतों का पता लगाने और इन्हें विश्व के लोगों के साथ बांटने में फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट ने स्वयं को समर्पित कर रखा है। इस सोच के साथ 1978 में स्थापित एफ एल पी ने प्रकृति के बेहतरीन स्रोतों को स्वास्थ्य के लिए कैसे काम में लाया जाए इस ज्ञान के नए युग का सूत्रपात किया। एफ एल पी एलोवेरा पेय पदार्थ, स्किन केयर उत्पाद और कॉस्मेटिक की श्रृंखला सहित पूरे शरीर के लिए उल्लेखनीय गुणधर्म ले आई है। इसके साथ ही हमारी पोषक और बीहाइव(मधुमक्खी के छाता) के उत्पादों की पूरी श्रृंखला और बेहतर स्वास्थ्य व सुंदरता पाने के लिए एक संपूर्ण प्रणाली है। आज लगभग दुनिया के एलोवेरा उत्पाद के बिक्री का 70% और मधु उत्पाद के बिक्री का 80% सिर्फ एफ एल पी उत्पाद का बिक्री होता है। 


पिछले 42 सालों में एफ एल पी की शुरुआत एक व्यक्ति की सोच से शुरू हुई, जो एक आदमी के सपने से करोड़ों के स्वप्न में बदल गई। एफ एल पी उत्पादों की शक्ति व बिजनेस प्लान की शाब्दिक अर्थ यह है कि कोई भी अपने जीवन की गुणवत्ता पूर्ण कर सकता है। कुछ लोगो ने बेहतर स्वास्थ्य उत्पादों की खोज में ग्राहक के रूप में शुरूआत किया और फिर संतुष्ट ग्राहक से फॉरएवर बिजनेस ओनर बनकर एक बेहतरीन बिजनेस करना शुरू किया। कई लोगों ने तुरंत व्यवसाय की शक्ति देखी और एक सफल संगठन के निर्माण में जुट गए। इससे जुड़ने का जो भी कारण रहा हो नतीजा वही निकला उनकी सफलता बढ़ती गई और उन्होंने दूसरों की स्वास्थ्य व धन लाभ पाने में मदद किया। आज 42 सालों बाद एफ एल पी पूरे विश्व के 158 देशों से ज्यादा देशों में 10 मिलियन से अधिक फॉरएवर बिजनेस ओनर है। 


फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स इंटरनेशनल के सीईओ तथा बोर्ड ऑफ डायरेक्टर्स के फाउंडर चेयरमैन मिस्टर रेक्स मॉन फॉरएवर बिजनेस को दो कमरों के दफ्तर से आरंभ किया था वह बढ़ते हुए एक छोटे से अंकुर से पूरा बट वृक्ष बन गया है। आज 158 देशों में इसकी कई शाखाएं हैं और इसकी रिटेल बिजनेस 3 अरब डॉलर से भी आगे बढ़ गई है। 

एफ एल पी के उत्पादों की खासीयत क्या है ?

आज देखा जाए तो एफ एल पी व इसके एफिलिएट्स का अपना एलोवेरा वृक्षारोपण है और इसके उगाने की हर प्रक्रिया की परिचर्या विशेषज्ञों व देखभाल करने वालों द्वारा की जाती है। अंकुर से लेकर इसके परिपक्व होने तक पूरी सावधानी से इसकी देखभाल कर हाथों से कटाई की जाती है। इसके उगने से निर्माण करने तथा उत्पादन वितरण तक की पूरी प्रक्रिया एफ एल पी द्वारा ही की जाती है, इसे कंपनी लगातार ऊपर की ओर बढ़ती जा रही है। यानि कपनी खेत से लेकर पेट तक स्वयं कार्य करती जिससे सप्लाई या उत्पादन के लिए किसी और पर निर्भर नहीं होना पड़ता है। 

एफ एल पी द्वारा सिर्फ एलोवेरा के सबसे सर्वश्रेष्ठ प्रजाति एलो बरबडेंसिस मिलर का ही उपयोग करता है जो इकलौता खाने योग्य एलोवेरा की उपलब्ध किस्मो में सर्वाधिक पोषण शक्ति से भरपूर है।  एफ एल पी का अपना एलोवेरा वृक्षारोपण टैक्सास, कैरेबियन के डोमिनिकन रिपब्लिक, मैक्सिको में 6500 एकड़ में फैला हुआ है। यह तीनों विश्व के सबसे सूखे व गर्म क्षेत्र है और इसीलिए एलोवेरा की खेती के लिए अनुकूल माना जाता है। जबकि बीहाइव से उत्पादन के लिए स्पेन के उची पहाड़ी पर लगभग 100x100 मील में मधुमक्खी पालन किया जाता है।


एलो बरबडेंसिस मिलर किस्म में एलो पत्तों में ही जेल होती है, जिसमें पोषक मूल्य होते हैं और जो एफ एल पी द्वारा निर्माण प्रक्रिया में इस्तेमाल किए जाते हैं। एफ एल पी की 100% स्टेबिलाईज्ड एलोवेरा जेल विश्व में उपलब्ध सबसे बढ़िया है। क्योंकि इसकी खेती से लेकर कर खाने तक शोध व विकास पैकिंग व सीपिंग और वितरण सब एफ एल पी के द्वारा नियंत्रण में रखकर किया जाता है इससे इसके पोषक तत्व बने रहते हैं व सर्वोच्च मानक गुणवत्ता बनी रहती है। क्योंकि एलोवेरा एक ऐसा पौधा है जिसके पत्तों में 75 पोषक तत्व, 12 विटामिन्स, 18 अमीनो एसिड्स, 20 मिनिरल्स तथा 200 अन्य घटक मौजूद है। सदियों से एलोवेरा अलग-अलग संस्कृतियों द्वारा उपयोग में लाई जाती रही है जैसे प्राचीन ग्रीक, रोमन, बेबिलोनियन, भारतीय व चीनी सभी एलोवेरा को चिकित्सीय वह चमत्कारी पौधे के रूप में उपयोग में लाते रहे है।


एफ एल पी की शुरुआत भारत में कब और कैसे हुई?

फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स के बेहतरीन उत्पादों के साथ 22 वर्षो तक विभिन्न देशों में उपस्थिति के उपरांत 2000 में भारत में पदार्पण हुआ। भारत में लेकर आने श्रेय एफ एल पी इंडिया के पहले CSM अमरजीत उभी को जाता है। उन्होंने सबसे पहले मुंबई में एक ऑफिस से शुरुआत किया जो धीरे-धीरे इसके उत्पाद के गुणवता और बेहतरीन व्यवसायिक अवसर के लोग जुड़ते गये। 

आज एफ एल पी इंडिया ने भारत के विभिन्न राज्यों में 19 कार्यालयों के साथ लगभग 20 लाख से अधिक फॉरएवर बिज़नेस ओनर देश के करोड़ो लोगो तक एफ एल पी के उत्पाद को पंहुचा रहे है। भारत के हेड ऑफिस मुंबई है, जिसे कंपनी द्वारा मई 2009 ख़रीदा गया था। एफ एल पी का भारत में लगभग 500 करोड़ का टर्नओवर है और विश्व में एफ एल पी के उत्पाद को उपयोग करने के मामले में दुसरे स्थान पर है।

एफ एल पी के वर्तमान CSM हरीश सिंगला के बेहतरीन कार्य प्रणाली और प्रयास से भारत विश्व में पहले स्थान पहुचने वाला है।   

मंगलवार, 28 जुलाई 2020

फॉरएवर बी प्रोपोलिस - संक्रमण से प्राकृतिक सुरक्षा

बी प्रोपोलिस क्या है? 

बी प्रोपोलिस एक राल या चिपचिपा सामग्री है, जिसे पत्तियों की कलियों और पेड़ों की छाल से मधुमक्खियों द्वारा इकट्ठा और चयापचय किया जाता है। मधुमक्खियां अपने छत्ते में छेद और दरारें सील करने और रानी के अंडे देने से पहले छत्ते को स्टरलाइज करने के लिए प्रोपोलिस का उपयोग करते हैं। यह प्रोपोलिस बैक्टीरिया और वायरस जैसे संदूषकों को बेअसर कर सकता है और इस प्रकार मधुमक्खी अपने छत्ते को संक्रमण से बचाता है। प्रोपोलिस कीटाणुओं को निष्क्रिय करके काम करता है, जिससे एक छिद्र के अंदर स्वच्छ प्राकृतिक वातावरण बन जाता है। 

Forever Bee Propolis benefits in hindi



फॉरएवर बी प्रोपोलिस के पोषक तत्व

प्रोपोलिस पोषक तत्वों से भरपूर है, प्रोपोलिस की पूरी संरचना अपर्याप्त रूप से जानी जाती है। हालांकि 34 पोषाहार यौगिकों की पहचान की गई है। इनमें विभिन्न पोषक तत्व शामिल हैं जो कोशिकाओं के मेटाबॉलिज्म में मदद करते हैं, जैसे बीटा कैरोटीन, विटामिन बी1, बी2, बी3, सी, ई, पेंटोथेनिक एसिड, स्ट्रोंटियम, कॉपर, मैंगनीज, फेरम, कैल्शियम, एल्यूमीनियम, वैनाडियम, सिलिकॉन आदि। इसमें बायोफ्लेवोनॉइड भी बहुत अधिक मात्रा में है। प्रोपोलिस के विभिन्न पैटर्न में 50 से अधिक प्रकार के फ्लेवोनोइड पाए गए हैं। प्रोपोलिस के मुख्य लाभकारी गुण इसकी बायोफ्लेवोनॉइड सामग्री से आते हैं, जो खट्टे फलों की 5 गुना है। बायोफ्लेवोनॉइड ऐसे पोषक तत्व हैं जो विटामिन की प्रभावकारिता को बढ़ावा देने में मदद कर सकते हैं और रक्त नस कोशिकाओ की अवशोषक को मजबूत और बेहतर बनाने में भी मदद कर सकते हैं। फॉरएवर बी प्रोपोलिस का उत्पादन एरिजोना में सोनोरन रेगिस्तान से एकत्र 100% शुद्ध प्रोपोलिस से किया जाता है, जो शहद, शाही जेली और प्राकृतिक बादाम स्वाद के साथ जोड़ा जाता है।
 

बी प्रोपोलिस के लाभ 

संक्रमण से लड़ते हैं: बी प्रोपोलिस में बायोफ्लेवोनॉइड और अन्य यौगिक होते हैं जो शरीर को संक्रमण से लड़ने के लिए प्रोत्साहित करते हैं। 

प्रतिरक्षा बूस्टर: यह प्राकृतिक प्रतिरक्षा कारक, इंटरफेरॉन के उत्पादन को प्रोत्साहित करने में मदद करता है और इसलिए, शरीर की प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करने में मदद करता है। 

एंटी-सूजन: सूजन, लालिमा, दर्द और सामान्य असुविधा बी प्रोपोलिस से आराम मिल सकता है। बी प्रोपोलिस गठिया, एक्जिमा या सोरायसिस जैसी भड़काऊ स्थितियों को अवरुद्ध करने में मदद करने के लिए एस्पिरिन की तरह व्यवहार करता है। 


एलर्जी को शांत करता है: एलर्जी एक प्रतिरक्षा प्रतिक्रिया है जो धूल, भोजन, रसायनों आदि जैसे एलर्जी के कारण होती है। अध्ययनों से पता चला है कि मधुमक्खी प्रोपोलिस एलर्जी का कारण बनने वाले उन हानिकारक पदार्थों को सील करके एलर्जी प्रतिक्रिया को नियंत्रित करने में मदद कर सकता है। 

मूत्र पथ संक्रमण: यूटीआई एक आम संक्रमण है जो महिलाओं के बीच अधिक बार होता है। एंटीबायोटिक दवाओं का उपयोग जो प्रतिरक्षा प्रणाली को कमजोर कर सकता है के बजाय, बी प्रोपोलिस का उपयोग प्रतिरक्षा प्रणाली से समझौता किए बिना संक्रमण को नियंत्रित करने में मदद करने के लिए एक विकल्प के रूप में किया जा सकता है। प्रोपोलिस एक सौम्य प्राकृतिक एंटीबायोटिक है जो कीटाणुओं को बेअसर और निष्क्रिय करके मारता है।

शुक्रवार, 19 अप्रैल 2019

What is Forever Bee Honey? - शहद को उपयोग करने का मुख्य 10 लाभ

हनी यानि शहद के बारे में लगभग सभी ने सुना है, लेकिन ज्यादातर यह नहीं जानते कि शहद क्या है? तो इस प्रश्न का उत्तर जानने के लिए कुछ समय दें कि "हनी क्या है?" चीजों को बहुत सरलता से कहें, तो शहद एक मीठा भोजन है जो मधुमक्खियों द्वारा फूलों से अमृत का उपयोग करके बनाया जाता है। मधुमक्खी एकमात्र कीट हैं जो प्रयाप्त मात्रा में शहद का उत्पादन करते हैं। मधुमक्खी ही एकमात्र ऐसा कीट है जो मानव उपभोग के लिए भोजन का उत्पादन करती है। 
Forever Bee Honey
हनी हजारों साल से मनुष्यों द्वारा इकट्ठा किया गया है। ये मधुमक्खियां अक्सर स्थानीय प्रजातियां थीं और स्थान के आधार पर भिन्न होती थीं। अधिक आधुनिक समय में, वाणिज्यिक उद्देश्यों के लिए केवल एपिस मेलिफ़ेरा, यूरोपीय हनीबी और पूर्वी हनीबी एपिस सेरेना का उपयोग शहद उत्पादन के लिए किया गया है। मधुमक्खियों को शुद्ध शहद का एक पाउंड बनाने के लिए लगभग दो मिलियन फूलों से पराग इकट्ठा करने में हजारों घंटे खर्च होते हैं। इसमें हजारों घंटे का श्रम लगता है और कार्यों को करने के लिए मधुमक्खियों को हजारों मील उड़ना पड़ता है। कोई फर्क नहीं पड़ता कि आप प्रीमियम कारीगर शहद के लिए क्या भुगतान करते हैं, आप मधुमक्खी का सौदा कर रहे हैं! 
हनी वास्तव में उस सरल व्याख्या की तुलना में थोड़ा अधिक जटिल है। वास्तव में यह इतना जटिल है कि इसके कुछ हिस्सों को हाल ही में आधुनिक तकनीक द्वारा अनलॉक किया गया है। तो आइए हम "हनी क्या है?" के सवाल पर थोड़ा और गहराई से देखते हैं। अधिकांश शहद बहुत मीठा होता है, लेकिन इसे कैसे प्राप्त किया जाता है? मधुमक्खियाँ विभिन्न फूलों के पौधों से अमृत इकट्ठा करती हैं। अमृत या नेक्टर की मुख्य सामग्री प्राकृतिक शर्करा हैं - सुक्रोज, ग्लूकोज और फ्रुक्टोज। लेकिन जिस पौधे से अमृत एकत्र किया जाता है, उसके आधार पर इसमें अन्य पदार्थ भी होंगे। उदाहरण के लिए, एक तंबाकू के पौधे में अमृत में थोड़ी मात्रा में निकोटीन होगा। मिठाई से लिया गया नेक्टर में चीनी ज्यादा होगा। नाली के पानी से अन्य हानिकारक तत्व। उसी तरह, खट्टे वृक्ष अमृत में स्वाद के संकेत प्रदान करते हैं। 

शहद मुख्य रूप से शर्करा से बना होता है। तुलना के लिए दिखाए गए कुल शहद संरचना के औसत प्रतिशत के साथ: फ्रुक्टोज (38.2%), ग्लूकोज (31.3%), माल्टोस (7.1%), और सुक्रोज (1.3%)। शहद की संरचना का लगभग 17.2% पानी है। यदि शहद में बहुत अधिक पानी है तो यह किण्वन करेगा। यदि यह बहुत कम होता है तो यह क्रिस्टलीकरण करना शुरू कर देगा। लगभग 1.5% पर अन्य शर्करा भी हैं। ऐश शहद का 0.2 प्रतिशत और 3.2 प्रतिशत अन्य ठोस पदार्थ बनाती है। चीनी के अलावा, जो एक अद्भुत ऊर्जा स्रोत है, "अन्य ठोस" वास्तव में शहद का अद्भुत हिस्सा है, और वह है जो शहद, अच्छी तरह से, शहद बनाता है। "हनी क्या है?" का सबसे पूरा जवाब पाने के लिए हम इस प्रतिशत पर विस्तार से बात करेंगे। 

रिपोर्ट किए गए ठोस पदार्थों में शहद का एसिड 0.5 प्रतिशत से कम होता है, लेकिन यह स्तर न केवल स्वाद में योगदान देता है, बल्कि सूक्ष्मजीवों के खिलाफ शहद की उत्कृष्ट स्थिरता के लिए जिम्मेदार है। शहद में कई एसिड पाए गए हैं, ग्लूकोनिक एसिड सबसे आम है। 

ठोस पदार्थों का एक अन्य घटक अमीनो एसिड है। अमीनो एसिड प्रोटीन के निर्माण खंड हैं, और शहद में वे पराग से आते हैं जो शहद में मधुमक्खियाँ द्वारा छोड़ दिया जाता है। यह पता चला है कि शहद, इसके स्रोत के आधार पर, इसके पराग या प्रोटीन घटकों में आवश्यक बीस अमीनो एसिड शामिल हो सकते हैं। औसतन शहद में 11 से 21 आम अमीनो एसिड होते हैं। वे प्रोटीन के "बिल्डिंग ब्लॉक" हैं और उनमें से कई जीवन के लिए आवश्यक हैं और उन्हें आहार में प्राप्त किया जाना चाहिए। क्योंकि शहद में पराग होता है, यह एलर्जी के उपचार में उपयोगी हो सकता है।

शहद में निहित खनिज पोटेशियम, क्लोरीन, सल्फर, कैल्शियम, सोडियम, फास्फोरस, मैग्नीशियम, सिलिका, लोहा, मैंगनीज और तांबा हैं। शहद में महत्वपूर्ण एंजाइम इनवर्टेज़, डायस्टेज़ (एमाइलेज) और ग्लूकोज़ ऑक्सीडेज़ भी शामिल हैं। शहद में पाए जाने वाले विटामिन में बी 6, थायमिन, राइबोफ्लेविन, पैंटोथेनिक एसिड और नियासिन शामिल हैं। इसके अलावा, एंटीऑक्सिडेंट क्राइसिन, पिनोबैंक्सिन, विटामिन सी, कैटलेज़ और पिनोसिम्ब्रिन मुक्त कट्टरपंथी गतिविधि को नुकसान पहुंचाने में मदद करते हैं। शहद को गर्म करने पर विटामिन, एंटीऑक्सिडेंट और एंजाइम सभी नष्ट हो सकते हैं। 

यह ध्यान रखना बहुत महत्वपूर्ण है कि शहद के अधिकांश विटामिन और खनिज सामग्री पराग के कारण होती है। यही कारण है कि प्राकृतिक वनस्पतियों के बीच प्रदुषण रहित वातावरण में उत्पादित शहद का सेवन करना बहुत महत्वपूर्ण है यदि शहद के सम्पूर्ण स्वास्थ्य लाभ प्राप्त करना चाहते हो। 

  • 100% प्राकृतिक
  • त्वरित ऊर्जा प्रदान करता है
  • प्राकृतिक स्वीटनर, आसानी से पचता है।

एलोवेरा तथा मधु उत्पाद के दुनिया के सबसे बड़े उत्पादक फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट द्वारा स्पेन के ऊचें पहाड़ो पर प्राकृतिक वनस्पतियों के बीच पिछले कई वर्षो से मधुमक्खी पालन किया जाता है। मधुमक्खी पालन करने वालों द्वारा स्पेन के ऊंचे पहाड़ों के अनूठे वातावरण में फॉरएवर बी हनी को काटा जाता है, जो कई पीढ़ियों से इन मधुमक्खी के छतों के लिए श्रमसाध्य कार्य करते हैं। यह उत्कृष्ट रूप से स्वादिष्ट शहद का उत्पादन किया जाता है जब स्पेनिश पहाड़ों को फूलों में सबसे घने रूप से कवर किया जाता है और मौसम शुष्क होता है। इसका परिणाम शहद में होता है जो मधुमक्खी के छतों के कंघों में धीरे-धीरे परिपक्व होता है और दुनिया में सभी शहद के बीच असामान्य रूप से उच्च एंजाइम और खनिज सामग्री होती है। खनिजों में समृद्ध होने के कारण हमारे नए पहाड़ी शहद का रंग एक सुंदर Dark Amber है। इसमें कुछ विशेष फल वाले नोटों के साथ एक प्रमुख पुष्प सुगंध, तीव्र और लगातार भी है। अपने सैंडविच पर या सॉस में इस पहाड़ी शहद का आनंद लें।
बी हनी को उपयोग करने का मुख्य 10 लाभ

1. कैंसर और हृदय रोग को रोकने में सहायक

इसमें फ्लेवोनॉयड्स, एंटीऑक्सिडेंट होते हैं जो कुछ कैंसर और हृदय रोग के जोखिम को कम करने में मदद करते हैं।

2. अल्सर और अन्य गैस्ट्रोइंटेस्टाइनल विकारों को कम करने में सहायक

हाल के शोध से पता चलता है कि शहद उपचार से अल्सर और बैक्टीरियल गैस्ट्रोएंटेराइटिस जैसे विकारों में मदद मिल सकती है। यह 3 लाभ से संबंधित हो सकता है।

3. एंटी-बैक्टीरियल, एंटी-फंगल, एंटी-फंगल

"सभी शहद जीवाणुरोधी है क्योंकि मधुमक्खियां एक एंजाइम को जोड़ती हैं जो हाइड्रोजन पेरोक्साइड बनाता है," न्यूजीलैंड में वाइकाटो विश्वविद्यालय में हनी रिसर्च यूनिट के निदेशक पीटर मोलन ने कहा।

4. एथलेटिक प्रदर्शन बढ़ाएँ

प्राचीन ओलंपिक एथलीटों ने अपने प्रदर्शन को बढ़ाने के लिए शहद और सूखे अंजीर खाए। यह अब आधुनिक अध्ययनों से सत्यापित किया गया है, यह दर्शाता है कि यह ग्लाइकोजन के स्तर को बनाए रखने और अन्य मिठास की तुलना में वसूली समय में सुधार करने में बेहतर है।
5. एक खांसी और गले में जलन को कम करने में सहायक

यह खांसी के साथ मदद करता है, विशेष रूप से मधुमक्खी शहद। 105 बच्चों के एक अध्ययन में, एक प्रकार का अनाज शहद बस के रूप में प्रभावी था डेक्सट्रोमेथोर्फन की एकल खुराक निशाचर खांसी से राहत और उचित नींद की अनुमति देता है।

6. 5 तत्वों को संतुलित करें

इसका उपयोग कम से कम 4000 वर्षों से भारत में आयुर्वेदिक चिकित्सा में किया जाता है और यह माना जाता है कि शरीर के सभी तीन आदिम भौतिक असंतुलन को सकारात्मक रूप से प्रभावित करता है। इसे आंखों की रोशनी बढ़ाने, वजन कम करने, नपुंसकता और शीघ्रपतन, मूत्र पथ विकारों, ब्रोन्कियल अस्थमा, दस्त और मतली में सुधार करने के लिए भी उपयोगी माना जाता है।

शहद को "योगवाहिनी" कहा जाता है क्योंकि इसमें शरीर के सबसे गहरे ऊतकों को भेदने का गुण होता है। जब शहद का उपयोग अन्य हर्बल तैयारियों के साथ किया जाता है, तो यह उन तैयारियों के औषधीय गुणों को बढ़ाता है और उन्हें गहरे ऊतकों तक पहुंचने में भी मदद करता है।
7. रक्त शर्करा विनियमन

भले ही इसमें साधारण शर्करा हो, लेकिन यह सफेद चीनी या कृत्रिम मिठास के समान नहीं है। फ्रुक्टोज और ग्लूकोज का इसका सटीक संयोजन वास्तव में शरीर को रक्त शर्करा के स्तर को विनियमित करने में मदद करता है। कुछ प्रकार के शहद में कम हाइपोग्लाइसेमिक सूचकांक होता है, इसलिए वे आपके रक्त शर्करा को झटका नहीं देते हैं।

8. घाव और जलन को ठीक करता है

शहद के बाहरी अनुप्रयोग को चांदी के सल्फाइडज़ाइन के साथ पारंपरिक उपचार के रूप में प्रभावी होना दिखाया गया है। यह अनुमान लगाया जाता है कि इस प्रभाव को बनाने के लिए सरल शर्करा और शहद की जीवाणुरोधी प्रकृति का सूखने का संयोजन होता है। यह घाव भरने में बहुत सफल रहा है।

9. प्रोबायोटिक

कुछ किस्मों में अनुकूल बैक्टीरिया की बड़ी मात्रा होती है। इसमें लैक्टोबैसिली की 6 प्रजातियां और बिफीडोबैक्टीरिया की 4 प्रजातियां शामिल हैं। यह "शहद के रहस्यमय चिकित्सीय गुणों" में से कई की व्याख्या कर सकता है।

10. प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत करें

हनी को स्कूल ऑफ मेडिसिन, कार्डिफ यूनिवर्सिटी, यूके में एक अध्ययन के अनुसार प्रतिरक्षा कोशिकाओं के उत्पादन को प्रोत्साहित करने के लिए पाया गया है। फॉरएवर हनी मेरा पसंदीदा है।
"फॉरएवर बी हनी आपके शरीर में सभी मुक्त कणों का मुकाबला करने के लिए एक पोषण संबंधी भोजन के रूप में आपके दैनिक भोजन का हिस्सा होना चाहिए, जिससे किसी भी प्रकार की बीमारियों और बीमारी के खिलाफ आपकी प्रतिरक्षा प्रणाली को मजबूत किया जा सके। फॉरएवर बी हनी / शहद आपके पूरे परिवार को सुरक्षित और स्वस्थ रख सकता है।" 



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शनिवार, 16 फ़रवरी 2019

Forever Royal Jelly : हमेशा जवां रहने का राज


Aloevera के साथ-साथ मधुमक्खीपालन से मधुमक्खी उत्पाद बनाने से लोगो तक पहुचाने में दुनिया की अग्रणी कंपनी Forever Living Products की प्राकृतिक उत्पाद में Forever Royal Jelly भी एक प्रभावशाली उत्पाद है. मधुमक्खियों का “सुपर फूड” माना जाने वाला उत्पाद, सदियों से मानव शरीर के लिए बेहद लाभकारी माना जाता रहा है. यह विशेष रूप से एंजाइमों के साथ मिश्रित होता है और प्रत्येक मधुमक्खी को रानी बनने के लिए खिलाया जाता है. यह भोजन वह है जो रानी मधुमक्खी को उसके छह साल के जीवनकाल में प्रतिदिन 3000 (तीन हजार) अंडे देने में सक्षम बनाता है. रॉयल जेली (Royal Jelly) में विद्यमान विभिन्न विटामिन्स, मिनिरल्स एवं अन्य पोषक सामग्री मानव शरीर को चुस्त-दुरुस्त बनाये रखने में सहायता करता है.
Forever Royal Jelly Benefits



  • ऊर्जा को बढ़ावा देता है और प्रतिरक्षा प्रणाली का समर्थन करता है.
  • आसानी से अवशोषित और आसानी से पचने योग्य.
  • कोई संरक्षक, कृत्रिम रंग या स्वाद की मिलावट नहीं.

रॉयल जेली(Royal Jelly) की जरुर क्यों ?

आजकल भागदौड़ भरी जिंदगी में लोग एक-एक पल का सदुपयोग करने की प्रयास कर रहे है. आज शारीरिक परिश्रम से ज्यादा मानसिक परिश्रम लोगो में ज्यादा देखी जा रही है. बच्चे से लेकर बूढ़े तक इस सूचान प्रौद्योगिकी युग में मोबाइल या कंप्यूटर पर अधिकतम समय बिता रहे है, जहाँ विभिन्न कार्य से लेकर मनोरंजन, social media, online make money इत्यादि कर रहे है. आज विभिन्न अन्न, सब्जी और फल को उगाने से लेकर पकाने तक अधिकतम उर्वरक, कीटनाशक इत्यादि का बड़े पयमाने पर उपयोग किये जाने के कारण हमारे भोजन में वो गुणवत्ता नहीं रही, जो पहले हुआ करती थी. जिसके कारण आज युवाओ में प्रजन्न क्षमता में कमी, मानसिक तनाव, तुरंत गुस्सा आना इत्यादि जैसे समस्या को देखी जा रही है.

रॉयल जेली(Royal Jelly) क्या है?

रॉयल जेली (Royal Jelly) एक दुधिया स्राव है जो मधुमक्खी के ग्रसनी ग्रंथियों से प्राप्त होता है. ये विशेष रूप से रानी मधुमक्खी का भोजन होता है, जो रानी मधुमक्खी को छह साल तक जीवित रखने में सक्षम बनाता है जबकि साधारण शहद खाने वाले श्रमिक मधुमक्खियाँ केवल चार से छह सप्ताह तक ही जीवित रहती है. रॉयल जेली में मौजूद पोषक सामग्री विटामिन ए, सी, डी और ई होते है और यह बी-काम्प्लेक्स विटामिन का एक समृद्ध प्राकृतिक भंडार भी है. एक प्रमुख घटक विटामिन बी 5 ( पैटेशियम एसिड) है, जो शरीर में सबसे महत्वपूर्ण पदार्थो में से एक है, प्रोटीन, वसा, कार्बोहाइड्रेट और कई हार्मोन के संश्लेषण और चयापचय के लिए आवश्यक है.
रॉयल जेली खनिज सामग्री से भी भरा पड़ा है. इसमें मुख्य रूप से मैंगनीज, कैल्शियम, क्लोराइड, मैग्नीशियम, सिलिकॉन, लोहा, पोटेशियम, क्रोमियम, सल्फर, फास्फोरस, तांबा, जस्ता, कोबाल्ट, स्ट्रोंटियम इत्यादि पाये जाते है, जो मानव शरीर में उर्जा के साथ-साथ शारीरिक क्रियाएं सुचारू रूप से चलाने में सहायता करता है. रॉयल जेली में आवश्यक सभी अमीनो एसिड भी मौजूद होते है, जो हमारे शरीर के लिए बेहद लाभदायक होता है.

फॉरएवर रॉयल जेली(Forever Royal Jelly) की विशेषता क्या है?

फॉरएवर रॉयल जेली (Forever Royal Jelly) का उत्पादन उन मधुमक्खी के छतो से किया जाता है जहाँ स्पेन के उच्चे पहाड़ो फ़्रांस के उच्ची  जहां प्राचीन परिस्थितियां मधुमक्खियों के लिए अच्छा वातावरण प्रदान करती हैं। फॉरएवर रॉयल जेली को सबसे पूर्ण खाद्य पदार्थों में से एक माना जाता है, यह आसानी से पेट में अवशोषित हो जाता है और चूंकि यह फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स द्वारा बनाया गया है, बाकी का आश्वासन दिया गया है कि इसमें केवल सबसे अच्छी सामग्री है कोई संरक्षक नहीं, कोई कृत्रिम रंग और स्वाद नहीं।
मधुमक्खी पालनकर्ताओं द्वारा स्पेन के ऊंचे पहाड़ों के अनूठे वातावरण में मधुमक्खी पालन किया जाता है, जो पीढ़ियों से इन पित्ती के लिए काम कर रहे हैं। यह उत्कृष्ट रूप से स्वादिष्ट शहद और अन्य उत्पाद का उत्पादन होता है जब स्पेनिश पहाड़ों को फूलों में सबसे घनी रूप से कवर किया जाता है और मौसम शुष्क होता है। इसका परिणाम शहद व इसके उत्पाद में होता है जो पित्ती के कंघों में धीरे-धीरे परिपक्व होता है और दुनिया में सबसे अधिक शहद के बीच असामान्य रूप से उच्च एंजाइम और खनिज सामग्री होती है।
सामग्री: रॉयल जेली पाउडर 250mg
अन्य सामग्री: सोर्बिटोल, फ्रुक्टोज, साइट्रिक एसिड, प्राकृतिक नारंगी स्वाद, स्टीयरिक एसिड, मैग्नीशियम स्टीयरेट, सिलिका. 
सामग्री: 60 गोलियाँ (250 मिलीग्राम/प्रत्येक 
निर्देश: एक गोली, दो बार दैनिक रूप से लें 
जानकारी श्रोत: Forever Living Products

फॉरएवर रॉयल जेली की मुख्य लाभ

  • रॉयल जेली शरीर की सामान्य स्थिति में सुधार करती है; इससे मानसिक और शारीरिक क्षमता बढ़ती है.
  • रॉयल जेली वृद्ध लोगों की आंखों की रोशनी में सुधार करने में मदद करती है.
  • एनजाइना पेक्टोरिस, धमनीकाठिन्य, अवसाद, आदि पर रॉयल जेली का लाभकारी प्रभाव पड़ता है.
  • रॉयल जेली एक मजबूत कामोद्दीपक प्रभाव है.
  • रॉयल जेली रक्त में कोलेस्ट्रॉल को कम करता है.
  • रॉयल जेली को कफ और तपेदिक के उपचार में मदद करता है.
  • रॉयल जेली माइग्रेन, पेट दर्द और थकान के मामलों में मदद करता है.
  • रॉयल जेली में मजबूत जीवाणुरोधी और एंटीवायरल कार्रवाई होती है.
  • रॉयल जेली प्रजनन क्षमता को बढ़ाती है और नपुंसकता को कम करती है.
  • रॉयल जेली त्वचा रोगों की समस्या में मदद करता है.
  • रॉयल जेली बालों के झड़ने को रोकने में मदद कर सकती है क्योंकि इसमें बड़ी मात्रा में बी कॉम्प्लेक्स विटामिन (पैंटोथेनिक एसिड) होते हैं जो बालों के विकास पर फायदेमंद होते हैं।
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नोट: यहाँ दिए गए कथनों का एफ डी ए द्वारा मुल्यांकन नहीं किया गया है. यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बिमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या ईलाज के लिए नहीं है बल्कि ये सम्पूर्ण शरीर को स्वस्थ्य बनाने व रखने में सहयोग करता है.
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शुक्रवार, 14 सितंबर 2018

Forever Aloe Propolis Creme benefits in Hindi

आपकी सुन्दरता की प्राकृतिक पहचान फॉरएवर एलो प्रोपोलिस क्रीम

मनुष्य प्राणी ही एक ऐसा धरती पर रहने वाला जीव है, जो अपने सुन्दरता को बनाये रखने के लिए तत्पर व सजग रहता है. आज सुन्दर दिखना सभी की इच्छा होती है , वो चाहे पुरुष हो या स्त्री . हमारी सुन्दरता को दिखाने में हमारे चेहरे की त्वचा सबसे महत्वपूर्ण होता है.

आजकल बाजार में विभिन्न तरह की कंपनियों द्वारा अपने विभिन्न उत्पाद के अद्भुत और आश्चर्यजनक परिणाम की दावे पेश करती है और किसी न किसी तरह आपके घर तक पहुचना चाहती है. लेकिन आज ग्राहक भी बेहद जागरूक एवं सजग है कि किस कंपनी के उत्पाद में प्राकृतिक गुणों का समावेश है और किन - किन उत्पादों में Highly Chemical का उपयोग किया गया है.

पढ़े: फॉरएवर इम्मुब्लेंड (Benefits of Forever Immubluend)

आज हम बात करने जा रहे है , दुनिया के सबसे बड़े एलोवेरा तथा मधु के उत्पादक, निर्माता तथा विक्रेता, फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट्स के सबसे खुबसूरत, बहुत ही प्रसिद्ध तथा सबका चहेता नेचुरल उत्पाद " एलो प्रोपोलिस क्रीम " की , जो आपकी त्वचा को नमी प्रदान करे, कंडीशन करे तथा साथ ही साथ नवीनता पहुचाये. 
Healthy Skin With Forever Aloe Propolis Creme

फॉरएवर एलो प्रोपोलिस क्रीम क्या है?

फॉरएवर एलो प्रोपोलिस क्रीम एक बेहतर नेचुरल क्रीम है, जिसमे विशेष घटक के रूप से एलोवेरा, बी प्रोपोलिस, कैमोमाईल,विटामिन A तथा E है.

एलोवेरा:- फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट हमेशा ही अपने उत्पाद में प्राकृतिक तथा स्थिरीकरण किया हुआ एलोवेरा ही उपयोग करता है, जो कि दुनिया के सर्वश्रेष्ठ प्रजाती एलो बार्बेन्ड़ेसिस मिलर का ही होता है. इसके 200 यौगिक, 75 पोषक तत्व, 12 विटामिन, 18 अमीनो एसिड, 20 मिनिरल्स तथा अन्य घटक तत्व मिले होते है. एलोवेरा त्वचा के लिए सबसे उतम माना जाता है. एलोवेरा की सबसे बड़ी खासियत है कि यह त्वचा के सबसे निचली स्तर से कार्य करता है. यह एक-एक कोशिका  को सफाई, मरम्मत तथा पोषण देने में सक्षम होता है, जिसके कारण यह अद्भुत परिणाम देने सक्षम होता है.

बी प्रोपोलिस:- फॉरएवर लिविंग प्रोडक्ट द्वारा मधुमक्खी पालन स्पेन के उच्ची पहाड़ी पर प्रदुषण रहित वातावरण में किया जाता है. बी प्रोपोलिस एक चिपचिपा पदार्थ होता है, जिसे मधुमक्खियाँ अपने छते में बैक्टीरिया, वायरस तथा छोटे-छोटे कीड़े - मकोड़े से बचाने लिए करती है . इसे मधुमक्खियाँ पेड़ो के छालो, पेड़ो से टपकते हुए रेजिन तथा अन्य फुल पतियों से एकत्रित करती है. यह प्राकृतिक सुपर एंटीबायोटिक के रूप में जाना जाता है , जिसे किसी भी तरह के इन्फेक्शन में बेहद लाभदायक होता है. यह हमारे त्वचा के लिए भी बहुत ही लाभदायक होता है, जो हमारे त्वचा को किसी भी तरह के इन्फेक्शन से बचाते हुए स्वस्थ्य रखने में सहयोग करता है.

कैमोमाईल:- कैमोमाईल फुल हमारी त्वचा के देखभाल के कुछ महत्वपूर्ण तत्व, जरुरी तेल तथा फ्लेवोनाओड होते है . यह तेल हमारे त्वचा के कोशिकाओ को खुजली की समस्या से दूर रखने में सहयोग करता है.

उपरोक्त घटकों के साथ विटामिन ए तथा विटामिन इ मिलकर बी प्रोपोलिस क्रीम बनते है , जो एक बेहतर माइश्चराइजिंग, सुन्दर कंडिशनर तथा नवीनता प्रदान करता है.


पढ़े: सकरात्मक सोच की शक्ति

यहाँ दिए गए कथनों का एफ डी ए द्वारा मुल्यांकन नहीं किया गया है. यहाँ दिए गए उत्पादन किसी भी विशिष्ट बिमारी के निदान, उपचार, रोकथाम या ईलाज के लिए नहीं है बल्कि ये सम्पूर्ण शरीर को स्वस्थ्य बनाने व रखने में सहयोग करता है.

रविवार, 29 अप्रैल 2018

शहद-एक उपयोगी औषधि (Benefits of Forever Bee Honey)

शहद जिसे धरती का अमृत भी कहा जाता है। यह एक प्रकार का पचापचाया भोजन होता है, जिसे शरीर को पचाने में ज्यादा उर्जा नहीं लगता है। साथ ही यह खनिजो से भरपूर है। शहद बहुउपयोगी माना जाता है। विशेष रूप से फॉरएवर बी हनी (शहद) जिसे स्पेन के उच्ची पहाडीयों पर प्रदुषण रहित वातावरण में विभिन्न औषधीय पौधें के बीच किया जाता है, जिसके कारण 100% शुद्ध एवं प्राकृतिक शहद प्राप्त होता है। आइये देखते है इसके क्या-क्या लाभ हो सकते है।
Benefits of Forever Bee Honey


1. शहद के साथ ब्राह्मी के पत्तों के सेवन से मिरगी केदौरे आना बंद होता हैं।
2. प्रतिदिन तीन बार एक-एक चम्मच शहद एक गिलास पानी में मिलाकर पिलाने से पीलिया रोग में लाभ होता है।
3. शहद को घोडा बच के साथ मिलाकर दिन में दो बार सेवन से क्रोध शांत होने लग जाता है। शहद के साथ गिलोय का रस मिलाकर दिन में दो बार सेवन से पित्त द्वारा उत्पन्न क्रोध शांत होने लगता है।
4. हृदय की घबराहट, कमजोरी जब महसूस हो तो गुनगुने पानी में शहद घोलकर दिन में दो-तीन बार नियमित सेवन करें।
5. शहद हृदय शक्ति के लिए औषधियों में सर्वोत्तम हैं हृदय फेल होने से बचाता है। जब हृदय की धड़कन बढ़ जाये, दम घुटने लगे तो शहद सेवन करने से (दिल की कमजोरी, दिल का बैठना आदि ) हृदय सबल व मजबूत बनता है।
6. काली मिट्टी में शहद डालकर फोड़े-फुंसिया पर लगाने से फायदा होता है।
7. उच्चरक्तचाप कम करने के लियें शहद का प्रयोग लगभग एक सप्ताह तक करें।
8. शहद को गुनगुने पानी से एक डेढ़ माह तक नियमित सेवनसे से हर प्रकार के चमड़ी रोग (दाद- खाज-खुजली चकते एवं कोढ़ के रोग भी ) ठीक हो जाते है।
9. शहद में 1 /4 ग्राम शुद्ध गन्धक को मिलाकर खाने से खुजली पूरी तरह से ठीक हो जाती है।
10. शहद में कलौंजी का चूर्ण मिलाकर चाटने से याददास्त तेज होती है।
11. 30 ग्राम शहद के साथ 20 ग्राम घी मिलाकर भोजन के बाद नित्य सेवन से याददास्त तेज होती है। (सावधानी:मात्रा का विशेष ध्यान रखे, समान मात्रा में घी और शहद जहर होता है )
12. शहद और पीपल चूर्ण छाछ के साथ पीने से छाती के दर्द में लाभ मिलता है।
13. शहद के साथ लगभग 1 /4 भाग चांदी की भस्म सुबह और शाम को लेने से बुद्धि के विकास में वृद्धि होती है।
14. शहद का सेवन खाने के बाद के पेट दर्द समाप्त होते है। पानी से शहद मिलाकर पीने से भी पेट दर्द में राहत आती है।
15. शहद के साथ लगभग 1 /4 भाग जटामांसी का चूर्ण रोगी को सुबह और शाम देने से कम्पन के दोरों में (कंपकंपाना) लाभ मिलता हैं।
16. जिस ओर सिर में दर्द हो रहा हो उसके दूसरी ओर के नाक के नथुने में एक बूंद शहद डालने से आधे सिर के दर्द में आराम मिलता है।
17. रोजाना भोजन में शहद लेने से आधे सिर दर्द में आराम व उल्टी बंद हो जाती हैं।
18. शहद या गुड़ के साथ पके हुए गूलर के फल खाने से नकसिरी बंद हो जाती है।
19. नींबू का रस और शहद को सामान मात्रा में मिलाकर रात को सोने से पहले सेवन करे नींद खुले तब पुन: ले पानी के साथ शहद डालकर पीने से भी अच्छी नींद आ जाती है।
20. शहद चाटने से या शहद को पानी में मिलकर दिन में दो बार पीने से पेट के कीड़े मर जाते है।
21. शहद का रोज दूध में मिलाकर सेवन करने से कमजोरी दूर होकर सामान्य मोटापा बढ़ता हैं।
22. शहद में लगभग 2 ग्राम पोस्ता पीसकर या शहद में लगभग 10 ग्राम बहेड़ा चूर्ण मिलाकर सुबह शाम सेवन करने से अच्छी नींद आती है।
23. चूना और शहद को अच्छी तरह से मिलाकर फोड़े पर लगाने से आराम आता है।
24. शहद में 1 / 4 भाग केसर मिलाकर या शहद और त्रिफला सामान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम सेवन से शीतपित्त में लाभ मिलता है।
25. शहद को मुंह में भरकर कुछ देर तक रखकर कुल्ला करें। इससे तेज प्यास शांत हो जाती है।
26. अधिक तेज प्यास को शांत करने के लिए शहद को मुंह में 10 मिनट तक रखें और कुल्ला कर दें। पानी में शहद मिलाकर पीने से गले की जलन व प्यास मिटती है।
27. मोच या चोट के स्थान पर शहद और चूना मिलाकर लेप करे और इसका असर स्वयं देखे ।
28. शहद में चुटकी भर अफीम घिसकर चाटने से पेचिश का रोग दूर हो जाता है।
29. एक कप शहद पानी में मिलाकर एक माह तक सेवन करने से शरीर का लकवा ठीक हो जाता है।
30. शहद और दूध मिलाकर पीने से नपुंसकता (वीर्य) की कमी दूर होती है। और शरीर बलवान होता है।
31. शहद में काला नमक और नींबू का रस मिलाकर सेवन करनेसे हिचकी में आराम आता है।या प्याज के रस में शहद मिलाकर या सिर्फ शहदको उंगली से चाटने से भी हिचकी बंद हो जाती है।
32. गर्भावस्था में महिलाओं के लिए शहद आवश्यक टानिक है महिलाओं को चाहिए की ( गर्भधारण के शुरू से ही या अंतिम तीन महीनों में) दो चम्मच शहद का दूध के साथ नियमित सेवन करने से रक्त की कमी दूर होकर शारीरिक शक्ति बढ़ती है और बच्चा ह्रष्ट पुष्ट बुद्धिमान और सुन्दर होता है।
33. निमोनिया रोगी के शरीर की पाचन-क्रिया ध्वस्त हो जाती है इसके लिए सीने तथा पसलियों पर शुद्ध शहद की मालिश करें और थोड़ा सा शहद गुनगुने पानी में मिलाकर निमोनिया रोगी को पिलाये।
34. छोटी मक्खी का शहद, अदरक का रस, नींबू का रस और सफेद प्याज का रस इन सबको मिलाकर और छानकर एक बूंद हर शाम आंखों में डालते रहें इससे मोतियाबिंद दूर हो जाता है।और इसमे गुलाब जल डालकर रोजाना आँखों में डालने से आंखों की रोशनी तेज होकर चश्मा हट जाता है।
35. शुद्ध शहद हफ्ते मे 1 से 2 बार डालने से आंखों की रोशनी कभी कम नही होती, बल्कि उम्र बढ़ने के साथ-साथ तेज होती है । साथ ही चार पांच बादाम रात को भिगो दे सुबह उठते ही चार पांच काली मिर्च और मिश्री के साथ पीसकर चाटे या चबाकर और ऊपर से दूध पी लें ।
36. शहद या एरण्ड तेल (कस्टर आयल) की 1 से 2 बूंद आंखोंमे डालने से आंख में गिरी हुई चीज बाहर आ जायेगी और आंखों की चुभन दूर हो जायेगी।
37. स्त्री-संग सम्भोग से एक घण्टा पहले पुरुष की नाभि में शहद लगाये पुरुष का जल्दी स्खलन नही होता औरलिंग शिथिल नहीं पड़ता।
38. शहद और अदरक का रस समान मात्रा में मिलाकर सुबह-शाम के सेवन से जुकाम ठीक हो जाता है और भूख भी बढ़ जाती है।
39. एक गिलास गुनगुने दूध में 2 चम्मच शहद और आधे चम्मच मीठे सोडे को एक साथ मिलाकर दिन में दो बार पीने से जुकाम,फ्लू ठीक हो जाता है।यह मिश्रण पीते वक्त सुरक्षित कमरे में होना चाहिए जंहा बाहरी हवा न लगे क्योंकि इससे रोगी को बहुत पसीना आता है जिसमे हवा का लगना नुकसानदायक हो सकती है।
40. शहद में सेंधानमक और हल्दी को एक कप पानी में डालकर उबाल लें। गुनगुना होने पर सोते समय पीने से जुकाम ठीक होता है।
41. शहद में गुड़ मिलाकर या केवल शहद को चाटने से उल्टी बंद हो जाती है।
42. शहद में लौंग चूर्ण मिलाकर चाटने से गर्भावस्था के समय आने वाली उल्टी से छुटकारा मिल जाता है।
43. काली खांसी के लिए सबसे पहले कब्ज को दूर करे उसकेबाद सौंफ, धनियां तथा अजवायन को बराबर मात्रा में लेकर पीस लें। इसका दिन में तीन बार सेवन करना चाहिए।इससे कब्ज दूर होती है। तथा शहद में लौंग के तेल की एकबूंद तथा अदरक के रस की दस बूंदे मिलाकर दिन में तीन बार सेवन करे।
44. पायरिया के लिए शहद की मसूढ़ों तथा दांतों पर मालिश करे या नींबू का रस, नीम का तेल तथा शहद मिलाकर या शहद में लहसुन, करेला, अदरक का रस मिलाकरमसूढ़ों कीमालिश करके गुनगुने पानी से कुल्ला करे। इससे पायरिया तथा मसूढ़ों के रोग खत्म हो जाते हैं।
45. गले के बैठ जाने पर मुलहठी का चूर्ण शहद के साथ चाट़े या फूली हुई फिटकरी चूर्ण शहद में मिलाकर सेवन करें। इसमें पानी मिलाकर कुल्ला किया जा सकता है।
46. बहेड़ा के चूर्ण को शहद के साथ सुबह और शाम सेवन करने से या गुनगुने पानी में शहद मिलाकर गरारे करने से भी आवाज खुल जाती है।
47. शहद में हल्दी पाउडर, अजवायन और सौंठ को मिलाकर सेवन करें तथा सोने से पहले अजवायन का तेल छाती पर मलें।
48. ताजे पानी से आंखों को सुबह नियमित धोए दो बूंदे नीम का रस तथा दुगना शहद मिलाकर आंखों में लगाए। गिलोय का रस तथा शहद को मिलाकर आँखों में लगायें या गिलोय का रस और आधी मात्रा में शहद मिलाकर और आंखों में नियमित लगायें। अथवा शहद, सफ़ेद प्याज का रस, अदरकका रस और निम्बू का रस को समान मात्रा में मिलाकर हर शाम आंखों में लगाकर सो जांए। आंखों की खुजली, दर्द, मोतियाबिंद आदि सभी रोगों के लिए यह उपयोगी है। शहद को आंखों में लगाने से रतौंधी रोग दूर होता है। आंखोंकी रोशनी भी बढ़ती है।
49. तवे पर सुहागे को फुलाकर शहद के साथ छालों पर लगाना चाहिए। इससे मुंह के छाले ठीक हो जाते हैं।
50. शहद में छोटी इलायची चूर्ण मिलाकर मुंह के छालों पर लगायें।
51. फिटकरी को पानी में घोल कर शहद के साथ मिलाकर कुल्ला करें। यह कुल्ला भोजन करने से पहले सुबह, दोपहर तथा शाम को करना चाहिए।
52. त्रिफला चूर्ण शहद के साथ ले या केवल आंवले का चूर्ण शहद के साथ लेने से भी पेट की गर्मी शांत हो कर मुंह के छाले ठीक होने लगते हैं।
53. आंख में जलन के लिए शहद के साथ निबौंली (नीम का फल)का गूदा मिलाकर आंखों में काजल की तरह लगना चाहिए।
54. शुद्ध शहद को सलाई या अंगुली की सहायता से काजल कीतरह आंख में लगायें। या सिर पर शुद्ध शहद का लेप करें ।
55. शहद में दुगनी मात्रा में देशी घी मिलाकर सिर पर लगाए। और सूखने से पहले दोबारा दर्द ठीक होने तक फिर से लगाये । साथ ही थोड़ा शहद चाटीए या भोजन के साथ शहदलेने से सिर का दर्द दूर हो जाता है।
56. पेट की खराबी, सर्दी या गर्मीके कारण सिर दर्द हो तो नींबू के रस में शहद को मिलाकर माथे पर लेप करे ।अथवा शहद में थोडा चूना मिलाकर माथे के दर्द वाले भाग लगा देने से सिर का दर्द ठीक हो जाता है।
57. सौंफ, धनियां तथा अजवायन बराबर मात्रा में लेकर तीनों के पिसे चूर्ण को शहद के साथ प्रतिदिन तीन बार सेवन करने से कब्ज दूर होती है। धनिये तथा जीरे का चूर्ण बना लें और शहद में मिलाकर चाटीए इससे अम्लपित्त समाप्त होता है। सौंठ, कालीमिर्च, पीपल, सेंधानमक इन सब का चूर्ण या दो कालीमिर्च तथा दो लौंगके चूर्ण को दिन में तीन बार शहद के साथ चाटने से भूख लगना प्रारम्भ हो जाता है।
58. अजवायन का चूर्ण को शहद के साथ दिन में तीन बार लेने से पेट के कीड़े मर जाते हैं।